चोखेर बाली - हिंदी PDF | Chokher Bali By Ravindrnath Tagor In Hindi PDF Free Download

 

चोखेर बाली - हिंदी PDF  | Chokher Bali By Ravindrnath Tagor In Hindi PDF Free Download a


पुस्तक : चोखेर बाली 


लेखक : रवीन्द्रनाथ टैगोर 


पुस्तक की भाषा : हिंदी 


पृष्ठ : 198 


PDF साइज : 1.5 MB





Chokher Bali In Hindi PDF Free Download 


Raveendranaath taigor eshiya ke pahale saahityakaar the jinhen nobel puraskaar se navaaza gaya. uchchakoti ke kavi hone ke saath unhonne kahaanee, nibandh, yaatra-vrttaant aur upanyaas ke kshetr mein bhee saahity srjan kiya. unaka upanyaas chokher baalee prem, vaasana, mitrata aur daampaty jeevan ke ooha poh mein phanse vinodinee aur mahendr, aasha aur bihaaree kee badee hee maarmik kahaanee hai. maanaveey bhaavanaon ko apane anoothe shilp se ukerate hue lekhak ne bangaal ke tatkaaleen samaaj ka bhee sajeev chitran prastut kiya hai.


Vaheen is upanyaas mein maan raajalakshmee aur bete mahendr ke prem ko bhee darshaaya gaya hai aur isake saath hee mahendr kee chaachee annapoorna kee bhee vishesh bhoomika rahee hai. upanyaas mein prem, mitrata kee hrday ko chhoo lene vaalee vedana se paripoorn baaten paathak ke man ko apanee or poornaroopen kheench lene mein saksham hain. vinodinee kee maan harimatee ne apanee sahelee raajalakshmee ke bete mahendr ke saath vinodinee ke vivaah ka prastaav le kar maano raajalakshmee ke ghar par dharana hee de diya tha.






Chokher Bali In Hindi पुस्तक का विवरण : 

रवीन्द्रनाथ टैगोर एशिया के पहले साहित्यकार थे जिन्हें नोबेल पुरस्कार से नवाज़ा गया। उच्चकोटि के कवि होने के साथ उन्होंने कहानी, निबन्ध, यात्रा-वृत्तान्त और उपन्यास के क्षेत्र में भी साहित्य सृजन किया। उनका उपन्यास 'चोखेर बाली' प्रेम, वासना, मित्रता और दाम्पत्य जीवन के ऊहा पोह में फँसे विनोदिनी और महेन्द्र, आशा और बिहारी की बड़ी ही मार्मिक कहानी है। मानवीय भावनाओं को अपने अनूठे शिल्प से उकेरते हुए लेखक ने बंगाल के तत्कालीन समाज का भी सजीव चित्रण प्रस्तुत किया है।


वहीं इस उपन्यास में माँ राजलक्ष्मी और बेटे महेन्द्र के प्रेम को भी दर्शाया गया है और इसके साथ ही महेन्द्र की चाची अन्नपूर्णा की भी विशेष भूमिका रही है। उपन्यास में प्रेम, मित्रता की हृदय को छू लेने वाली वेदना से परिपूर्ण बातें पाठक के मन को अपनी ओर पूर्णरूपेण खींच लेने में सक्षम हैं। विनोदिनी की माँ हरिमती ने अपनी सहेली राजलक्ष्मी के बेटे महेन्द्र के साथ विनोदिनी के विवाह का प्रस्ताव ले कर मानो राजलक्ष्मी के घर पर धरना ही दे दिया था। 




दोनों एक ही गाँव की थीं और बचपन में साथ-साथ खेलती रही थीं। आखिरकार, राजलक्ष्मी को महेन्द्र से बात करनी ही पड़ी- "बेटा महेन्द्र, इस गरीब की बिटिया का उद्धार करना पड़ेगा। सुना है, लड़की बड़ी सुन्दर है, फिर लिखी-पढ़ी भी है मेम ने उसे पढ़ाया है। उसकी रुचियाँ भी तुम जैसे आधुनिक लड़कों जैसी हैं।" महेन्द्र ने कहा- "मेरे अलावा भी तो बहुत-से आधुनिक सड़के हैं।" राजलक्ष्मी - "यही तो तुझमें गड़बड़ी है, तुझसे तो शादी की बात करना ही मुश्किल है।"




महेन्द्र- "माँ, इसे छोड़कर दुनिया में और भी तो बहुत-सी बातें हैं। इसलिए मुझे दोष मत दो कि मैं शादी को अभी इतना ज़रूरी नहीं समझता।" महेन्द्र के पिता उसके बचपन में ही चल बसे थे। माँ से महेन्द्र का बर्ताव साधारण बेटों जैसा न था। उम्र लगभग बाईस की हुई, एम.ए. पास करके डॉक्टरी पढ़ना शुरू किया है, मगर माँ से उसकी रोज़-रोज़ की ज़िद का अन्त नहीं। 


कंगारू के बच्चे की तरह माता के गर्भ से बाहर आकर भी उसकी बाहरी थैली में टॅगे रहने की उसे आदत हो गयीन है। माँ के बिना आहार-विहार, आराम-विराम कुछ भी नहीं हो पाता अबकी बार जब माँ बिनोदिनी के लिए बुरी तरह उसके पीछे पड़ गयीं तो महेन्द्र बोला, "अच्छा, एक बार लड़की को देख लेने दो!" लड़की देखने जाने का दिन आया तो कहा, "देखने से क्या होगा? शादी तो मैं



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Description of the book In English :


Rabindranath Tagore was the first writer from Asia to be awarded the Nobel Prize. Along with being a poet of high order, he also created literature in the field of story, essay, travelogue and novel. His novel 'Chokher Bali' is a very touching story of Vinodini and Mahendra, Asha and Bihari trapped in the heat of love, lust, friendship and married life. Carving out human emotions with his unique craft, the author has also presented a living depiction of the then society of Bengal.


At the same time, the love of mother Rajalakshmi and son Mahendra is also depicted in this novel and along with it, Annapurna, aunt of Mahendra has also played a special role. In the novel, the touching words of love, friendship, full of pain, are able to pull the reader's mind towards itself completely. Vinodini's mother, Harimati, had staged a dharna at Rajalakshmi's house with her friend Rajalakshmi's son Mahendra, proposing marriage to Vinodini.






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