अपनी ताकत को पहचानो - हिंदी PDF | Apni Takat Ko Pahchano In Hindi PDF Free Download








अपनी ताकत को पहचानो - हिंदी PDF | Apni Takat Ko Pahchano In Hindi PDF Free Download


पुस्तक : अपनी ताकत को पहचानो 

लेखक : अमित कुमार 

 पुस्तक की भाषा : हिंदी 

पृष्ठ : 10 

PDF साइज : 7  MB



 

Apni Takat Ko Pahchano In Hindi PDF Free Download




Doston mein is topik ko chhotee see kahaanee se shuru karana chaahoonga asal mein doston ye kahaanee nahin hain ye ek sachchee ghatana hai to chalie vakt kharaab na karate hue main shuru karata hoon - doston aapane dekha hoga kee haathee jo ki ek shaktishaalee jaanavar hain usako ek chhotee see rassee se baandha jaata hain lekin vo us rassee ko todata nahin agar use vo tod de to aajaad ho sakata hain balki usamen to itanee taakat hain ki vo motee-motee bediyon ko ek jhatake mein tod sakata hain lekin vo nahin tod raha kyon? aakhir kyon nahin tod paata vo us patalee see rassee ko. 

Doston jab vo haathee chhote hote hain aur unako pakadakar laaya jaata hain unakee maan se unake saathiyon se alag kar diya jaata hain aur laakar unako motee motee - bediyon se baandh diya jaata hain vo pooree koshish karata hain pooree taakat lagaata hain. lekin un bediyon ko vo tod nahin paata, kyonki us bachche ke andar itanee taakat hain hee nahin ki vo bediyon ko tod sake .









Apni Takat Ko Pahchano In Hindi पुस्तक का विवरण :



दोस्तों में इस टॉपिक को छोटी सी कहानी से शुरु करना चाहूँगा असल में दोस्तों ये कहानी नहीं हैं ये एक सच्ची घटना है तो चलिए वक्त खराब न करते हुए मैं शुरु करता हूँ - दोस्तों आपने देखा होगा की हाथी जो कि एक शक्तिशाली जानवर हैं उसको एक छोटी सी रस्सी से बाँधा जाता हैं लेकिन वो उस रस्सी को तोड़ता नहीं अगर उसे वो तोड़ दे तो आजाद हो सकता हैं बल्कि उसमें तो इतनी ताकत हैं कि वो मोटी-मोटी बेड़ियों को एक झटके में तोड़ सकता हैं लेकिन वो नहीं तोड़ रहा क्यों? आखिर क्यों नहीं तोड़ पाता वो उस पतली सी रस्सी को ।

दोस्तों जब वो हाथी छोटे होते हैं और उनको पकड़कर लाया जाता हैं उनकी माँ से उनके साथियों से अलग कर दिया जाता हैं और लाकर उनको मोटी मोटी - बेड़ियों से बाँध दिया जाता हैं वो पूरी कोशिश करता हैं पूरी ताकत लगाता हैं। लेकिन उन बेड़ियों को वो तोड़ नहीं पाता, क्योंकि उस बच्चे के अन्दर इतनी ताकत हैं ही नहीं कि वो बेड़ियों को तोड़ सके । 



उसको पाँव से गले से बाँधा जाता हैं तो जब भी वो बेड़ियों को तोड़ने की कोशिश करता हैं तो उसे बहुत दर्द होता है वो बेडियां उसके शरीर में गड़ जाती हैं जब वो उस कैद से छूटने की कोशिश करता है तो उसे और तेज दर्द होता हैं, क्योंकि बंधे होने के कारण उसके शरीर पर घाव बन जाते हैं वो कुछ दिनों तक रोज़ कोशिश करता हैं। लेकिन आखिर में वो कोशिश करना बंद कर देता हैं ये सोचकर कि कोशिश की तो बहुत दर्द होगा इससे तो अच्छा हैं कि जहाँ हैं जैसे हैं, यही रहे कम से कम दर्द तो नहीं सहना पड़ेगा और जैसे जैसे वो हाथी का बच्चा बड़ा होता हैं उसकी ताकत बढ़ने लगती हैं। 



अब वो बच्चा बड़ा हो गया है तो उसे सिर्फ एक पतली सी रस्सी के सहारे बाँध दिया जाता हैं और अब तो उसमें बहुत ज्यादा ताकत हैं लेकिन अब वो उस पतली सी रस्सी को भी नहीं तोड़ सकता क्यों? क्योंकि उसके दिमाग में एक अवधारणा बन गयी हैं कि अगर मैंने इस रस्सी को तोड़ने की कोशिश की तो मुझे बहुत दर्द होगा जो कि बचपन से उसके दिमाग में बैठी हुई हैं, और दर्द सहने से तो अच्छा हैं की इस बंधन में बंधे रहो ओर कोशिश ही न करो कम से कम सुरक्षित तो हैं दर्द तो नहीं सहना पड़ेगा, और वो कोशिश ही नहीं करता दोस्तों अब अगर उस हाथी के कान में धीरे से कोई कह दे कि अरे ओ हाथी तुझमें बहुत ताकत हैं तू बहुत शक्तिशाली हैं

अब ये सुनने के बाद आपको क्या लगता हैं क्या होगा | रस्सी तो क्या उसे मोटी जंजीरों से भी बांध दिया जाये तो उसे तोड़ने में एक सेकंड भी नहीं लगेगा, एक सेकंड भी नहीं, वो एक झटके में जंजीरों को तोड़ सकता हैं क्योंकि अब उसे पता चल गया कि अच्छा मेरे अन्दर इतनी ताकत हैं उसकी बचपन से बनी हुई अवधारणा एक झटके में टूट गई  दोस्तों उस हाथी की तरह हम सब में भी ऐसी पता नहीं कितनी ही अवधारणायें बन गयी हैं कि मैं ये नहीं कर सकता, मेरे बसका नहीं हैं और ये अवधारणायें अलग - अलग कई तरह की हो सकती हैं। 



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Description of the book In English :



Friends, I would like to start this topic with a small story, actually friends, this is not a story, it is a true incident, so let's not waste time, I will start - friends, you must have seen that elephant, which is a powerful animal, is called a It is tied with a small rope, but he does not break that rope, if he breaks it, then he can be free, but he has so much power in him that he can break thick chains in one stroke but he is not breaking why? After all, why can't he break that thin rope?

Friends, when those elephants are small and they are caught and brought, they are separated from their companions from their mother and they are brought and tied with thick shackles, they try their best. But he is not able to break those shackles, because there is not enough power in that child to break the shackles.










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