रिच डैड पुअर डैड - रोबर्ट टी. कियोसाकि हिंदी PDF |Rich Dad Poor Dad By Robert Kiyosakis In HIndi PDF Downlaod

 



Rich Dad Poor Dad By Robert Kiyosakis In HIndi PDF Downlaod



पुस्तक /book : रिच डैड पुअर डैड 


लेखक / author :  रोबर्ट टी. कियोसाकि 


पुस्तक की भाषा / language :  हिंदी 


पृष्ठ / page :  231 


PDF साइज / size :  6.4  MB 




Rich Dad Poor Dad By Robert Kiyosakis In HIndi PDF Downlaod 

 skūl bachchoan ko asalī jiandagī ke lie taiyār karatā hai? Mere mammī-ḍaiḍī kahūte the, "Mehanat se paḍhao aur achchhe nanbar lāo kyoanki aisā karoge to ek achchhī tanakhvāh vālī naukarī mil jāegī।" unake jīvan kā lakṣhya yahī thā ki merī baḍaī bahan aur merī kaej kī shikṣhā pūrī ho jāe. unakā mānanā thā ki agar kalej kī shikṣhā pūrī ho gaī to ham jaiandagī mean jyādā kāmayāb ho sakeange,

jab maianne 1976 mean apanā ḍiplomā hāsil kiyā maian faloriḍā sṭeṭ yunivarsiṭī mean akāuanṭianga mean narsa ke sāth grejueṭ huī aur apanī kakṣhā mean kāfaī ūche sthān par rahī to mere mammī-ḍaiḍī kā lakṣhya pūrā ho gayā thā। yah unakī jiandagī kī sabase baḍaī upalabdhi thī। "māsṭar plāna" ke hisāb se, muze ek "big 8" akāuanṭianga farma mean naukarī bhī mil gaī। ab muze ummīd thī ek lanbe kariyar aur kam umra mean riṭāyarameanṭa kī. 






Rich Dad Poor Dad In Hindi PDF पुस्तक का विवरण : 

 स्कूल बच्चों को असली जिंदगी के लिए तैयार करता है? मेरे मम्मी-डैडी कहूते थे, "मेहनत से पढ़ो और अच्छे नंबर लाओ क्योंकि ऐसा करोगे तो एक अच्छी तनख्वाह वाली नौकरी मिल जाएगी।" उनके जीवन का लक्ष्य यही था कि मेरी बड़ी बहन और मेरी कॉलेज की शिक्षा पूरी हो जाए। उनका मानना था कि अगर कॉलेज की शिक्षा पूरी हो गई तो हम ज़िंदगी में ज्यादा कामयाब हो सकेंगे।


जब मैंने 1976 में अपना डिप्लोमा हासिल किया मैं फ़्लोरिडा स्टेट युनिवर्सिटी में अकाउंटिंग में ऑनर्स के साथ ग्रेजुएट हुई और अपनी कक्षा में काफ़ी ऊँचे स्थान पर रही तो मेरे मम्मी-डैडी का लक्ष्य पूरा हो गया था। यह उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी उपलब्धि थी। "मास्टर प्लान" के हिसाब से, मुझे एक "बिग 8" अकाउंटिंग फर्म में नौकरी भी मिल गई। अब मुझे उम्मीद थी एक लंबे करियर और कम उम्र में रिटायरमेंट की ।


मेरे पति माइकल भी इसी रास्ते पर चले थे। हम दोनों ही बहुत मेहनती परिवारों से आए थे जो बहुत अमीर नहीं थे। माइकल ने ऑनर्स के साथ ग्रेजुएशन किया था, एक बार नहीं बल्कि दो बार पहली बार इंजीनियर के रूप में और फिर लॉ स्कूल से उन्हें जल्दी ही पेटेंट लॉ में विशेषज्ञता रखने वाली वॉशिंगटन, डी.सी. की एक मानी हुई लॉ फ़र्म में नौकरी मिल गई। और इस तरह उनका भविष्य भी सुनहरा लग रहा था। उनके करियर का नक़्शा साफ़ था और यह बात तय थी कि वह भी जल्दी रिटायर हो सकते थे।


हालाँकि हम दोनों ही अपने करियर में सफल रहे, परंतु हम जो सोचते थे, हमारे साथ ठीक वैसा ही नहीं हुआ। हमने कई बार नौकरियाँ बदलीं- हालाँकि हर बार नौकरी बदलने के कारण सही थे परंतु हमारे लिए किसी ने भी पेंशन योजना में निवेश नहीं किया। हमारे रिटायरमेंट फंड हमारे खुद के लगाए पैसों से बढ़ रहे हैं।

हमारी शादी बहुत सफल रही है और हमारे तीन बच्चे हैं। उनमें से दो कॉलेज में हैं और तीसरा अभी हाई स्कूल में गया ही है। हमने अपने बच्चों को सबसे अच्छी शिक्षा दिलाने में बहुत सा पैसा लगाया।



*NOTIS - सूचना * 

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Description of the book In English :

Does school prepare children for real life? My mom and dad used to say, "Study hard and get good marks because if you do, you will get a good paying job." The goal of his life was that my elder sister and I should complete my college education. He believed that if college education is completed, then we will be more successful in life.

When I earned my diploma in 1976, I graduated with honors in accounting at Florida State University and finished very high in my class, my mom and dad's goal. This was the biggest achievement of his life. According to the "master plan", I even got a job at a "Big 8" accounting firm. Now I expected a long career and early retirement.







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